Ahmed Faraz shayari
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Best 30 famous Ahmed Faraz shayari in hindi

उर्दू अदब (साहित्य) के सबसे मक़बूल और अजीम शायरों में शुमार अहमद फ़राज़ की लेखनी में वो जादू है जो हर धड़कते हुए दिल को छू लेता है। अगर आप इंटरनेट पर best Ahmed Faraz shayari in Hindi या उनकी सदाबहार गज़लों का कलेक्शन ढूंढ रहे हैं, तो आप बिल्कुल सही जगह पर आए हैं। Ahmed Faraz ki shayari न सिर्फ़ मोहब्बत के हसीं एहसासों को बयां करती है, बल्कि इसमें जुदाई का दर्द और ज़िंदगी का गहरा फ़लसफ़ा भी छुपा है।

इस ख़ास पोस्ट में हमने आपके लिए Ahmed Faraz romantic shayari, उनकी बेहद मशहूर Ahmed Faraz ghazals in Hindi script, और तन्हाई के पलों को सुरीला बनाने वाली dard bhari Faraz shayari का एक बेहतरीन गुलदस्ता तैयार किया है। आइए, उर्दू शायरी के इस बेताज़ बादशाह के चुनिंदा शेरों (Famous Urdu Couplets) के ज़रिए जज़्बातों के एक ख़ूबसूरत सफ़र पर चलते हैं।

इस पोस्ट में हमने उन सभी बेस्ट 30 ahmad faraz shayari के साथ उसका अर्थ भी जोड़ा है। जिससे आप उसके शेर का अर्थ समझ पाओ, और गर आप ये शेर किसी को भेजना चाहो तो उसके अर्थ के हिसाब से उपयोग कर सकते है।

Ahmed Faraz shayari in hindi with meaning

रंजिश ही सही दिल ही दुखाने के लिए आ,

आ फिर से मुझे छोड़ के जाने के लिए आ।

अर्थ: अगर तुम्हारे मन में मेरे प्रति कोई नाराज़गी या कड़वाहट भी है, तो कोई बात नहीं। तुम सिर्फ मेरा दिल दुखाने के बहाने ही सही, पर लौट आओ। कम से कम इसी बहाने तुम मुझे दोबारा छोड़कर जाने के लिए ही मेरे पास आ जाओ। (यहाँ प्रेमी की बेबसी दिखाई गई है जो दूर जाने वाले को किसी भी शर्त पर वापस देखना चाहता है)।

इस क़दर मुसलसल थीं शिद्दतें जुदाई की,

आज पहली बार उस से दिल ने बेवफ़ाई की।

अर्थ: जुदाई (बिछड़ने) की तकलीफें और उसकी तीव्रता इतनी लगातार (बिना रुके) बनी हुई थीं कि मैं बुरी तरह थक गया था। आज पहली बार उस दर्द से राहत पाने के लिए मेरे दिल ने उसकी यादों को छोड़कर उसे धोखा देने (उसे भूलने) की कोशिश की।

Ahmad faraz shayari suna hai log

सुना है लोग उसे आँख भर के देखते हैं,

सो इस के शहर में कुछ दिन ठहर के देखते हैं।

अर्थ: मैंने सुना है कि लोग उसे (महबूब को) बहुत चाहत और टकटकी लगाकर देखते हैं। अगर ऐसा है, तो मैं भी कुछ दिनों के लिए उसके शहर में रुक कर देखना चाहता हूँ कि वह वाकई इतनी ख़ूबसूरत है या लोग बस यूँ ही कहते हैं।

अगरचे ज़ोर नहीं बे-ज़बां धड़कनों पर,

मगर ये क्या कि कोई याद बे-हिसाब आए।

अर्थ: माना कि हमारी इन बेज़बान धड़कनों पर हमारा कोई बस या नियंत्रण नहीं चलता, लेकिन फिर भी यह कैसा अजीब सिलसिला है कि जब भी तुम्हारी याद आती है, तो बिना किसी गिनती या हिसाब के बेहद बेकाबू होकर आती है।

तुम तसव्वुर भी करोगे तो वो आ जाएगा,

उसने आईने की सूरत में उतारा है मुझे।

अर्थ: तुम बस दिल से उसकी कल्पना (सोच) भी करोगे, तो वह तुम्हारे सामने हाज़िर हो जाएगा। उसने मेरे दिल और अस्तित्व को एक आईने की तरह साफ़ बना दिया है, जिसमें उसका अक्स तुरंत दिखाई दे जाता है।

यूँ ही हमेशा उलझती रही है ज़ुल्फ़-ए-जनाँ,

यूँ ही हमेशा सँवरती रही है ये दुनिया।

अर्थ: जैसे महबूब की ज़ुल्फ़ें हमेशा उलझती और बिखरती रहती हैं, ठीक वैसे ही यह दुनिया भी हमेशा अपनी समस्याओं में उलझती रही है। और जैसे उन ज़ुल्फ़ों को सुलझाया जाता है, वैसे ही यह दुनिया भी तमाम मुश्किलों के बाद फिर से सँवर जाती है।

अब के हम बिछड़े तो शायद कभी ख़वाबों में मिलें,

जिस तरह सूखे हुए फूल किताबों में मिलें।

अर्थ: इस बार हम एक-दूसरे से इतनी दूर बिछड़ चुके हैं कि अब हक़ीक़त में मिलना नामुमकिन सा है। अब अगर हमारी मुलाक़ात होगी भी, तो शायद सिर्फ सपनों में होगी; बिल्कुल उसी तरह जैसे सूखे हुए फूल अक्सर पुरानी किताबों के पन्नों के बीच दबे मिलते हैं।

दिल को तेरी चाहत पे भरोसा भी बहुत है,

और तुझ से बिछड़ जाने का डर भी नहीं जाता।

अर्थ: मेरे दिल को तुम्हारी मोहब्बत और वफ़ा पर पूरा यक़ीन है, लेकिन इसके बावजूद दिल के किसी कोने में एक अनजाना डर हमेशा बना रहता है कि कहीं तुम मुझसे हमेशा के लिए बिछड़ न जाओ।

Ahmad faraz shayari love In hindi

सिलसिला फ़ित्ना-ए-क़यामत का,

तेरी क़ामत से इब्तिदा ठहरा।

अर्थ: दुनिया में क़यामत (तबाही या आफ़त) का जो भी दौर या सिलसिला शुरू हुआ है, वह असल में तुम्हारी काया, कद-काठी और तुम्हारी ख़ूबसूरती से ही शुरू हुआ है। तुम इतनी सुंदर हो कि तुम्हें देखकर दुनिया में हलचल मच जाती है।

शिकवा-ए-ज़ुल्मत-ए-शब से तो कहीं बेहतर था,

अपने हिस्से की कोई शम्अ जलाते जाते।

अर्थ: रात के अंधेरे की शिकायत करने और कोसने से तो कहीं ज़्यादा अच्छा यह था कि हम खुद आगे बढ़ते और अपने हिस्से की एक छोटी सी मोमबत्ती (उम्मीद का दीया) जलाकर अंधेरे को कम करने की कोशिश करते।

किसे पुकारें कि सब ने पहन लिए हैं नक़ाब,

जहाँ में कोई भी सूरत अब आश्ना न रही।

अर्थ: मैं अपनी मदद या दर्द बांटने के लिए किसे आवाज़ दूँ? यहाँ हर इंसान ने अपने चेहरे पर झूठ और दिखावे का मुखौटा (नक़ाब) पहन रखा है। इस मतलबी दुनिया में अब कोई भी चेहरा सच्चा या जाना-पहचाना नहीं लगता।

कश्ती भी नहीं बदली, दरिया भी नहीं बदला,

हम डूबने वालों का सौदा भी नहीं बदला।

अर्थ: हालात बिल्कुल वैसे ही हैं—न तो नाव (कश्ती) बदली और न ही वह नदी (दरिया) बदली। और अफ़सोस की बात यह है कि हम डूबने वालों की किस्मत और हमारा रवैया भी नहीं बदला, हम आज भी उसी पुरानी ज़िद पर अड़े हैं।

और ‘फ़राज़’ चाहिएँ कितनी मोहब्बतें तुझे,

माताओं ने तेरे नाम पर बच्चों का नाम रख दिया।

अर्थ: ऐ फ़राज़, तुझे दुनिया से और कितनी मोहब्बत और सम्मान चाहिए? तेरी शायरी की दीवानगी इस क़दर है कि माताओं ने तेरी इज़्ज़त में अपने बच्चों का नाम भी ‘फ़राज़’ रखना शुरू कर दिया है।

Ahmad faraz shayari on life

शब-ए-ग़म की सहर नहीं होती,

हो भी तो मेरे घर नहीं होती।

अर्थ: दुःख और तकलीफ़ की जो रात होती है, उसकी सुबह (सहर) आसानी से नहीं होती। वह रात ख़त्म होने का नाम नहीं लेती, और अगर कभी सुबह हो भी जाए, तो मेरे दुखी घर में खुशियों का उजाला नहीं ला पाती।

उस शख़्स से बस इतना सा तअल्लुक़ है ‘फ़राज़’,

वो परेशान हो तो हमें नींद नहीं आती।

अर्थ: मेरा उस इंसान से कोई बहुत बड़ा रिश्ता नहीं है, बस एक छोटा सा गहरा नाता है कि जब भी वह दूर बैठा हुआ किसी परेशानी में होता है, तो यहाँ मुझे रात भर नींद नहीं आती।

क़ुर्बतें होते हुए भी फ़ासला रक्खा गया,

दिल के आईने को पत्थर से जुदा रक्खा गया।

अर्थ: हम दोनों के बीच नज़दीकियाँ (क़ुर्बतें) होने की पूरी गुंजाइश थी, फिर भी हमारे बीच एक दूरी बनाए रखी गई। यह बिल्कुल वैसा ही था जैसे दिल रूपी नाज़ुक आईने को टूटने से बचाने के लिए पत्थर जैसी कठोर दुनिया से अलग रखा जाता है।

हम को अच्छा नहीं लगता कोई हमनाम तेरा,

कोई तुझसा हो तो फिर नाम भी तुझसा रक्खे।

अर्थ: मुझे कोई भी ऐसा इंसान पसंद नहीं आता जिसका नाम तुम्हारे नाम जैसा हो। अगर कोई तुम्हारा नाम रखना चाहता है, तो पहले उसे तुम्हारी तरह ख़ूबसूरत और अज़ीम (महान) होना पड़ेगा, तभी वह इस नाम के लायक होगा।

Ahmad Faraz Shayari 2 lines

ज़िंदगी से यही गिला है मुझे,

तू बहुत देर से मिला है मुझे।

अर्थ: मुझे अपनी ज़िंदगी से बस एक ही शिकायत (गिला) है कि जब मेरी मुलाक़ात तुमसे हुई, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। तुम मेरी ज़िंदगी में आए तो सही, पर बहुत वक़्त गुज़र जाने के बाद।

आँखें खुली रहेंगी तो मंज़र भी आएँगे,

ज़िंदा हो तुम तो ज़हन में पत्थर भी आएँगे।

अर्थ: अगर तुम अपनी आँखें खुली रखोगे और होश में रहोगे, तो तुम्हें ज़िंदगी के कई तरह के नज़ारे (अच्छे-बुरे वक़्त) देखने को मिलेंगे। अगर तुम इस दुनिया में ज़िंदा हो, तो तुम्हारे दिमाग पर समाज और अपनों के तानों के पत्थर भी ज़रूर बरसेंगे।

दोस्त बन कर भी नहीं साथ निभाने वाला,

वोही अंदाज़ है ज़ालिम का ज़माने वाला।

अर्थ: वह इंसान जो मेरा दोस्त होने का दावा करता था, वो भी मुश्किल वक़्त में मेरा साथ नहीं निभा सका। उस ज़ालिम का तरीका भी बिल्कुल इस मतलबी दुनिया जैसा ही निकला, जो ज़रूरत पड़ने पर बदल जाती है।

तन्हाई के लम्हात का एहसास न करा,

यूँ बैठ के मेरे पास मुझे और न रुला।

अर्थ: तुम मेरे पास आकर बैठ तो गए हो, लेकिन तुम्हारा मन कहीं और है। इस तरह बेमन से मेरे पास बैठकर मुझे मेरी तन्हाई और अकेलेपन का और ज़्यादा अहसास मत कराओ, इससे मेरा दिल और ज़्यादा रोता है।

अब के सावन में ये शरारत मेरे साथ हुई,

मेरा घर छोड़ के पूरे शहर में बरसात हुई।

अर्थ: इस बार बारिश के मौसम में किस्मत ने मेरे साथ एक अजीब मज़ाक किया। पूरे शहर में ज़बरदस्त बारिश हुई, लेकिन सिर्फ मेरा ही घर (या मेरा दिल) प्यासा रह गया, वहाँ एक बूंद भी खुशियों की नहीं बरसी।

इतना न याद आया करो कि रात भर सो न सकें,

सुबह को सुर्ख़ आँखों का सबब पूछते हैं लोग।

famous Ahmad faraz shayari in hindi

अर्थ: तुम मुझे इस क़दर शिद्दत से याद मत आया करो कि तुम्हारी यादों के चक्कर में मैं रात भर सो ही न पाऊँ। क्योंकि जब मैं सुबह सोकर उठता हूँ, तो लोग मेरी लाल आँखें देखकर मुझसे जागने का कारण पूछने लगते हैं और मेरे पास कोई जवाब नहीं होता।

वो जिसका सबब ढूँढ रहे हैं ज़माने वाले,

वो दर्द तो हम ने ख़ामोशी से छुपा रखा है।

अर्थ: दुनिया के लोग जिस उदासी और बर्बादी का कारण (सबब) हर जगह तलाश रहे हैं, वह गहरा दर्द और उसका राज़ तो मैंने दुनिया की नज़रों से छुपाकर अपने दिल की ख़ामोशी में दफ़न कर रखा है।

कौन कहता है कि मौत आई तो मर जाऊँगा,

मैं तो दरिया हूँ समुंदर में उतर जाऊँगा।

अर्थ: जो लोग सोचते हैं कि मौत आने पर मेरा वजूद ख़त्म हो जाएगा, वे ग़लत हैं। मैं तो एक बहती हुई नदी (दरिया) की तरह हूँ, जो मरने के बाद ख़त्म नहीं होती, बल्कि समंदर में मिलकर और बड़ी और अमर हो जाती है।

तेरे होते हुए महफ़िल में जलते हैं चिराग़,

लोग क्या सादा हैं, सूरज को दिखाते हैं चिराग़।

अर्थ: जब महफ़िल में तुम खुद मौजूद हो (जो साक्षात रोशनी की तरह हो), तब भी लोग वहाँ दिए (चिराग़) जला रहे हैं। ये लोग कितने नासमझ और सीधे हैं, जो साक्षात सूरज के सामने छोटा सा दीया जलाकर उसे रोशनी दिखाने की कोशिश कर रहे हैं।

तू पास भी हो तो दिल बे-क़रार रहता है,

कि जैसे तुझसे कोई वास्ता ही न रहा।

अर्थ: अब हालात ऐसे बदल चुके हैं कि तुम अगर मेरे शारीरिक रूप से करीब भी बैठे हो, तो भी मेरा दिल बेचैन रहता है। ऐसा लगता है जैसे हमारे बीच की वो पुरानी आत्मीयता और दिल का रिश्ता अब पूरी तरह ख़त्म हो चुका है।

उस के होंठों की हँसी को न समझ हर्फ़-ए-वफ़ा,

मुस्कुरा कर तो वो दुनिया को लुभा लेता है।

अर्थ: अगर वह तुम्हें देखकर मुस्कुराता है, तो उसकी मुस्कुराहट को उसकी वफ़ा या प्यार का वादा मत मान बैठना। उसकी आदत ही ऐसी है, वह तो पूरी दुनिया को अपनी झूठी मुस्कान से ऐसे ही रिझाता रहता है।

तनिक सोच ‘फ़राज़’ कि वो शख़्स कैसा होगा,

जो अपनी ज़ात में एक अंजुमन रखता है।

अर्थ: ऐ फ़राज़, जरा बैठकर गहराई से सोचो कि वह इंसान भीतर से कितना महान या अकेला होगा, जो किसी महफ़िल का मोहताज नहीं है, बल्कि उसका खुद का अकेला वजूद ही अपने आप में एक पूरी महफ़िल (अंजुमन) के बराबर है।

चलो अब ख़त्म करते हैं ये दास्तान-ए-मोहब्बत,

तुम हमारे हो न सके और हम किसी के होने न पाए।

अर्थ: आओ, अब इस अधूरी और दर्दनाक प्रेम कहानी को यहीं हमेशा के लिए ख़त्म कर देते हैं। क्योंकि सच तो यही है कि लाख कोशिशों के बाद भी न तो तुम मेरे हो सके, और तुम्हारे इंतज़ार में हम किसी और के होने के क़ाबिल नहीं बचे।

Ahmad faraz की शायरी के लोग कायल है। जो भी इनको पढ़ता फिर इनके अंदर ही खो जाता है। उम्मीद करता हूँ ये छोटा सा शायरी का कलेक्शन आपको अंदर तक हिलाया होगा, अगर आप अहमद फ़राज़ के फैन है तो अपना दिल का अज़ीज़ शेर नीचे कमेंट में जरूर लिखे।

अहमद फ़राज़ की सभी शायरी का क्रेडिट उनको है। हमने केवल और केवल एजुकेशन परपोज़ से प्रयोग किया है। उनके बहुत सारे लोग दीवाने है एलसीए हमने उनके ३० बेस्ट फेमस शायरी का कलेक्शन बनाया है। अगर आपको किसी भी तरह की आपती है या फिर कुछ और बात तो आप हमे कनेक्ट कर सकते है। contact page

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