अगर आपको ऐसी शायरी पसंद है जो मोहब्बत, दर्द और जिंदगी के गहरे एहसासों को सरल लेकिन असरदार शब्दों में बयां करती है, तो Imran Pratapgarhi Shayari in Hindi का यह संग्रह आपको जरूर पसंद आएगा। इमरान प्रतापगढ़ी की शायरी में मोहब्बत और दर्द के साथ-साथ जिंदगी, समाज और इंसानी भावनाओं से जुड़े अलग-अलग रंग देखने को मिलते हैं। उनकी कविताओं और शेरों को मुशायरों और साहित्यिक मंचों पर भी खूब सुना और सराहा गया है।
इस पोस्ट में आपको Imran Pratapgarhi Ki Shayari, Imran Pratapgarhi Dard Shayari, Love Shayari, मशहूर शेर और दिल को छू जाने वाली चुनिंदा शायरी पढ़ने को मिलेगी। अगर आप उनकी शायरी के प्रशंसक हैं या पहली बार उनकी रचनाओं को पढ़ना चाहते हैं, तो यह collection उनके अलग-अलग poetic themes को explore करने में मदद करेगा। आप पसंदीदा शेर को अपने दोस्तों और शायरी पसंद करने वाले लोगों के साथ शेयर भी कर सकते हैं।
Imran Pratapgarhi Shayari in Hindi
हम अमन चाहते हैं मगर जुल्म के खिलाफ,
अगर जंग लाजिम है तो फिर जंग ही सही।

टूटने और बिखरने का चलन मांग लिया,
हमने हालात से शीशे का बदन मांग लिया।
सब खड़े थे तकदीर के दरवाजे पर लोग,
दौलत पे गिरे हमने वतन मांग लिया!
आजा दिल चीर के दिखलाऊं वतन का नक्शा,
मेरा भारत मेरी सांसों में समाया हुआ है!
उनके हिस्से में किले, मेरे हिस्से में छप्पर आते हैं,
अफ़सोस कि फिर भी वो हमें गद्दार बताते हैं!
हमारा खून भी शामिल है इस ज़मीन की मिट्टी में,
किसी के बाप का हिंदुस्तान थोड़ी है।
चिरागों को उजालों की हिफाज़त में लगा देना,
हवाएं चीखती रहें तुम दियों की लौ बढ़ा देना।
हम उस मुल्क के बाशिंदे हैं जहाँ मोहब्बत बहती है,
नफ़रत फैलाने वालों को वक्त सही राह दिखाता है।
Imran Pratapgarhi Ki Mashhoor Shayari
आंधियों से कह दो कि अपनी औकात में रहें,
हम परों से नहीं हौसलों से उड़ा करते हैं।

जहाँ पसीने की बूंदें गिरती हैं किसान की,
वही माटी असल में पहचान है हिंदुस्तान की।
जो जलते हैं वतन के चिरागों की रोशनी से,
उन्हें क्या खबर कि अंधेरों की उम्र कितनी है।
सच्चाई की राह में अगर कांटे भी बिछे हों,
हम वतन की राह में हंसकर कदम बढ़ाते हैं।
हाथों की लकीरें पढ़ कर रो देता है दिल,
सब कुछ तो है मगर एक तेरा नाम क्यों नहीं है?
मेरे लहज़े की तल्खियां न देख, मेरे अंदर के जज़्बातों को देख,
मैं ज़िंदगी का टूटा हुआ हिस्सा हूँ, मेरे पीछे की कहानी तो देख।
ख्वाब की तरह पल के आये हैं,
कितने सांचे में ढल के आये हैं।
Imran Pratapgarhi Shayari 2 line
तुम सिरहाने में हो नहीं पहुंचे,
हम वहां खुद ही चल के आये हैं।

वक़्त बदला है, ज़माना बदला है,
मगर हमारे सीने में वफा का पुराना दौर बाकी है।
शीशे के मकानों में रहने वाले अक्सर,
दूसरों के घरों पर पत्थर उछाला नहीं करते।
उम्र भर चलते रहे मगर फासले कम न हुए,
रास्ते वही रहे, बस हम बदलते चले गए।
ज़िंदगी ने दिए हैं सब घाव हँसकर सहे हैं,
हम वो दरिया हैं जो ख़ामोशी से बहते रहे हैं।
उम्मीदों के दिए जलाकर हर शाम बैठते हैं,
तेरी यादों को सीने से लगाकर बैठते हैं।
हम तो खामोश रहकर भी सब कह जाते हैं,
लोग लफ़्ज़ों के जाल में भी उलझ जाते हैं।
बिखर कर संभालना ही जिंदगी का सलीका है,
हमने गिर-गिर कर चलने का हुनर सीखा है।
Imran Pratapgarhi Ki Zindagi Par Shayari
तूफ़ानों से आँख मिलाओ, सैलाबों पर वार करो,
मल्लाहों का चक्कर छोड़ो, तैर के दरिया पार करो।
जुल्म के आगे जो सर झुका दे वो हम नहीं,
हक की लड़ाई में जो पीछे हट जाए वो हम नहीं।
अगर ख़ामोश रहोगे तो हुकूमतें कुचल देंगी,
उठो और अपनी आवाज़ को परवाज़ दो।
मंज़िलें उन्हीं को मिलती हैं जिनके सपनों में जान होती है,
पंखों से कुछ नहीं होता, हौसलों से उड़ान होती है।
अंधेरों से लड़ना हमारी फितरत में शामिल है,
हम उजालों के तलबगार हैं, किसी से डरते नहीं।
सच कहने की कसम खाई है हमने,
चाहे राहों में कितने भी काँटे बिछ जाएँ।
हम ख़ामोश हैं तो इसे हमारी कमज़ोरी न समझो,
समुंदर के थमने पर अक्सर तूफ़ान आते हैं।
वक़्त के थपेड़ों से डरना कैसा,
जब इरादे बुलंद हों तो हर रास्ते आसान होते हैं।
Josh wali Imran Pratapgarhi Shayari
हम वो परिंदे नहीं जो पिंजरे में थम जाएँ,
हम आसमां को छूने की ज़िद रखते हैं।
ज़मीर बेचकर जो जीना सीख लेते हैं,
उन्हें क्या मालूम कि खुद्दारी की कीमत क्या है।
तेरी यादों की महक आज भी इन हवाओं में है,
तेरा नाम आज भी मेरी दुआओं में है।
दिल से निकली जो बात वो असर रखती है,
पर नहीं, पर परवाज़ की ताकत रखती है।
मोहब्बत में शर्त नहीं होती, बस एक एहसास होता है,
जो दूर रहकर भी हर लम्हा पास होता है।
रिश्ते वही सच्चे होते हैं जो वक़्त के साथ नहीं बदलते,
चाहे हालात कैसे भी हों, वो कभी नहीं ढलते।
नज़रों से नज़रों का मिलना ही मोहब्बत नहीं,
एक-दूसरे के दर्द को समझना ही सच्ची इनायत है।
Imran Pratapgarhi Shayari love
हम मुस्कुरा कर हर ग़म को छुपा लेते हैं,
कोई पूछे तो कह देते हैं कि हम ठीक हैं।
तेरी बेरुखी ने भी हमें जीना सिखा दिया,
जो कभी रोया करते थे, उन्हें हंसना सिखा दिया।
सांसों का क्या भरोसा, कब छूट जाएँ,
मगर दिल में बसी यादें कभी नहीं मिटतीं।
प्यार वो नहीं जो जताया जाए,
प्यार तो वो है जो बिन कहे समझ आ जाए।
मुस्कुराहटें उधार लेकर कब तक जियोगे,
अपने ग़मों को अपनाकर मुस्कुराना सीखो।
लकीरें अपने हाथों की हम खुद ही बनाते हैं,
तकदीर के भरोसे बैठने वाले अक्सर पछताते हैं।
सच्चाई का अलम लेकर जो मैदान में उतरते हैं,
इतिहास उन्हीं की तारीख दर्ज करता है।
चुप रहने से अगर रिश्ते बचते हों तो चुप रहिये,
लेकिन ज़मीर मर जाए तो बोलना ही बेहतर है।
दिलों में नफ़रतें रखकर खुदा को खुश करना चाहोगे,
तो याद रखो, इबादत कभी कुबूल नहीं होगी।
ग़रीबी छप्पर से झांकती है और हसरते दम तोड़ देती हैं,
अमीरों के महल में अक्सर दीवारें बोलती हैं।
Dard imran pratapgarhi shayari
हम तो चिराग हैं, अंधेरों को चीरना काम है हमारा,
हवाओं की ज़द में रहकर भी जलना काम है हमारा।
बातें तो हर कोई बड़ी-बड़ी कर लेता है,
असल इंसान वही है जो वक्त पर काम आता है।
दौर-ए-जहालत में भी हमने चिराग जलाए हैं,
नफ़रतों के शहर में मोहब्बत के फूल खिलाए हैं।
दुआओं का कोई रंग नहीं होता,
लेकिन जब ये रंग लाती हैं तो ज़िंदगी रंगीन हो जाती है।
सफ़र लंबा है मगर हम थकने वाले नहीं,
हम वो राही हैं जो मंज़िल पाकर ही सांस लेंगे।
अंतिम शब्द
इमरान प्रतापगढ़ी की शायरी में मोहब्बत, दर्द, उम्मीद और जिंदगी के अलग-अलग एहसासों की झलक मिलती है। उम्मीद है कि Imran Pratapgarhi Shayari in Hindi का यह संग्रह आपको पसंद आया होगा और इसमें आपको ऐसे शेर जरूर मिले होंगे जो आपके किसी एहसास या याद को शब्द दे सकें।
अगर आपको इस collection में कोई शेर खास पसंद आया हो, तो उसे अपने दोस्तों और शायरी पसंद करने वाले लोगों के साथ जरूर शेयर करें। ऐसी ही मशहूर शायरी, दर्द भरी शायरी और Love Shayari in Hindi पढ़ने के लिए Morning Suvichar से जुड़े रहें।
